उत्तर प्रदेश के संभल से हैरान और शर्मनाक करने वाला मामला सामने आया है. यहां पुलिस ने एक ऐसे गैंग के 14 लोगों को गिरफ्तार किया, जो लड़के-लड़कियों को टोना-टोटके के जरिए पैसा कमाने का लालच देकर उनसे न सिर्फ ठगी करते बल्कि उनका यौन शोषण किया करते थे. अब इस केस में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इस गंदे काम वाले गैंग में मथुरा की एक निजी यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर भी शामिल है, उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
पुलिस को पकड़े गए प्रोफेसर के मोबाइल से कई आपत्तिजनक चीजें मिली हैं. मोबाइल में युवक-युवतियों के फोटो-वीडियो, जादू-टोना की क्रियाएं और गैंग से कोडवर्ड में की गई चैट का ब्यौरा मिला है. संभल एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और एएसपी दक्षिणी अनुकृति शर्मा ने मीडियो को इस केस का खुलासा करते हुए जानकारी दी. गिरफ्तार किया गया प्रोफेसर मथुरा का रहने वाला है. उसकी पहचान मथुरा की शास्त्री कॉलोनी निवासी दशरथ सिंह उर्फ डीएस सिसौदिया के रूप में हुई है. वह मथुरा की जीएलए यूनिवर्सिटी में लाईब्रेरी व इन्फोरमेशन साइंस का प्रोफेसर है.
जादू-टोने के जरिए प्रोफेसर फंसाता था लड़के-लड़कियों को
ये कितना बड़ा फ्रॉड है कि गलत तरीके से पैसा कमाने के लालच में एक प्रोफेसर बेरोजगार युवक-युवतियों को जादू-टोने के जाल में उन्हें फंसाता था. उन्हें धनवर्षा का लालच देता और दरिंदगी के भंवर में डुबा देता. जरा सोचिए, इस दरिन्दे प्रोफेसर ने अपने छात्रों को किस तरह की शिक्षा दी होगी? पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर दशरथ सिंह को गिरफ्तार किया है. उसके निशाने पर वो युवक-युवतियां होते जो रोजगार की तलश में भटक रहे थे. उन्हें यह गैंग और प्रोफेसर दशरथ जादू-टोने के जरिए अकूत पैसा कमाने का लालच देकर उनका यौन शोषण करता था.
संभल पुलिस ने 28 मार्च को इस खतरनाक गैंग के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया था. इनमें एक डीएन त्रिपाठी नाम का आरोपी भी शामिल है. एसपी पुलिस ने जब डीएन त्रिपाठी के मोबाइल की जांच की तो उसमें एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली, जिसमें उसकी बात प्रोफेसर दशरथ से हो रही थी. ऑडियो रिकॉर्डिंग में लड़की को आर्टिकल और तांत्रिक को कारीगर कहकर संबोधित किया गया है.
उसमें आर्टिकल को कारीगर से काम कराने के लिए कहा गया.इसके बाद पुलिस ने दशरथ सिंह उर्फ डीएस सिसौदिया को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने प्रोफसर के मोबाइल से कई लड़कियों के वीडियो,फोटो व कोडवर्ड में गिरोह के बीच हुई बातचीत की चैट बरामद की.
लड़कियों को तांत्रिक से मिलवाता था
पुलिस के मुताबिक, प्रोफेसर दशरथ सिंह उर्फ डीएस सिसौदिया ने पूछताछ में बताया कि वह तीन साल से गिरोह के साथ जुड़ा है. उसने बताया कि वह गिरोह में बी पार्टी यानि मीडिया का सदस्य है. वह लड़की को तांत्रिक से मिलवाने की भूमिका निभाता था. पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि दशरथ से पूछताछ में गिरोह के बारे में काफी कुछ जानकारी सामने आई है.
प्रोफेसर द्वारा यूनिवर्सिटी की लड़कियों के शोषण का कोई तथ्य अब तक सामने नहीं आया है. पुलिस गिरोह की आखिरी कड़ी तक पहुंचने के लिए लगातार काम कर रही है. इस बात का भी पुलिस प्रयास कर रही है कि कोई पीड़ित युवती सामने आकर गिरोह के कारनामों के बारे में बताये.