यूपी के सीतापुर में कानून व्यवस्था पटरी से उतरती हुई नजर आ रही है। यहां एक बार फिर हुए गोलीकांड ने जिले को दहला दिया है। रामकोट थाना क्षेत्र के जैतीखेड़ा गांव के पूर्व प्रधान और अधिवक्ता के मुंशी गोपी यादव पर हमलावरों ने घात लगाकर जानलेवा हमला किया है। हमलावरों ने गोपी यादव पर ताबड़तोड़ फायरिंग उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। पूर्व प्रधान को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। घटना के पीछे चुनावी रंजिश को लेकर गोली मारने की बात सामने आ रही है। प्रत्यक्षदर्शी ने वर्तमान प्रधान पर हमला किए जाने का आरोप लगाया है।
घात लगाए हमलावरों ने चलाईं गोलियां
यह पूरा मामला रामकोट थाना क्षेत्र का है। जैतीखेड़ा के रहने वाले गोपी यादव जो कि पूर्व प्रधान है, वह सपा नेता और अधिवक्ता शमीम कौसर सिद्दीकी के मुंशी के रूप में भी काम करते हैं। वह सोमवार शाम को न्यायालय का काम निपटाने के बाद अपने एक साथी सर्वेश के साथ अलग-अलग बाइक से घर जा रहे थे। जब पूर्व प्रधान गोपी यादव बबुरी गांव के पास से गुजर रहे थे तभी पहले से घात लगाए हमलावरों ने घेर कर गोलियां चला दीं। ताबड़तोड़ फायरिंग में पांच गोलियां पूर्व प्रधान के शरीर में जा लगी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमला करने के बाद हमलावर बाइक से भाग गए।
वर्तमान प्रधान पर हमले का आरोप
वहीं गोलियों की आवाज सुनकर गोपी यादव का साथी सर्वेश भागकर घटना स्थल पर पहुंचा तो गोपी यादव को खून से लथपथ सड़क पर पाया। सर्वेश ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। स्थानीय लोगों ने घायल गोपी को जिला अस्पताल पहुंचाया। पीड़ित के परिजनों ने वर्तमान प्रधान सिमरन सरदार और अन्य लोगों पर हमले का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह हमला प्रधानी चुनाव की रंजिश के कारण किया गया है। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही कई अधिवक्ता जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
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