वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद मुस्लिम धर्मगुरुओं और राजनेताओं की तरफ से तमाम प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है. इसी बीच यूपी के मेरठ के बड़े मौलाना और मदरसा इमदादुल इस्लाम, सदर बाजार के प्रिंसिपल मौलाना मशहूदुर्रहमान शाहीन जमाली चतुर्वेदी ने वक्फ एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश का स्वागत किया है.
मौलाना मशहूदुर्रहमान शाहीन जमाली ने कहा कि ‘सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का हम सम्मान करते हैं. अदालत ने वक्फ पर राहत जरूर दी है, हालांकि कुछ बिंदुओं पर अभी अंतरिम आदेश आना बाकी है. हम आशा करते हैं कि भविष्य में भी वक्फ की जमीन और संपत्ति को किसी भी तरह की हानि से बचाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय बेहतर निर्णय करेगा.’
क्या बोले मौलाना मशहूदुर्रहमान?
मौलाना ने स्पष्ट किया कि वक्फ का असल मकसद हमेशा से गरीबों और यतीमों की मदद करना रहा है. उन्होंने बताया कि वक्फ का मतलब दान होता है, जिसे गरीब, मिस्कीन और यतीमों की भलाई के लिए किया जाता है.
उन्होंने कहा कि वक्फ की संपत्ति अल्लाह की संपत्ति होती है, इसलिए इसका कोई मालिक नहीं हो सकता, बल्कि केवल देखभाल करने वाला ही हो सकता है. उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जो संतुलित रुख अपनाया है, उससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा.
वक्फ की जमीनें हमेशा गरीबों के लिए- मौलाना मशहूदुर्रहमान
इसके साथ ही उन्होंने यह उम्मीद जताई कि सरकार और संबंधित संस्थाएं भी वक्फ संपत्ति की हिफाजत और इसके असली उद्देश्यों को पूरा करने में योगदान देंगी. मौलाना जमाली ने कहा कि ‘वक्फ की जमीनें और संपत्तियां हमेशा से समाज के गरीब तबकों की मदद के लिए समर्पित रही हैं.
यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि इन्हें सही मकसद के लिए इस्तेमाल किया जाए और किसी भी प्रकार से इनकी बर्बादी या गलत इस्तेमाल न होने दिया जाए.’ मेरठ के धार्मिक और सामाजिक हलकों में मौलाना के इस बयान को गंभीरता से लिया जा रहा है. लोगों का मानना है कि ऐसे बयान समाज में एकता और भरोसा मजबूत करने का काम करते हैं.
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