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यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 39 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन रद्द किया, जाने वजह

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने 39 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन रद्द किया है, यह कार्रवाई यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह की तरफ से की गई है. बता दें कि उद्योग के लिए आवंटित किए भूखंड़ों की रजिस्ट्री और निर्माण कार्य न कराने वाले औद्योगिक प्लॉट को यमुना प्राधिकरण ने निरस्त कर दिया है.

दरअसल, नॉएडा इंटरनेशनल एअरपोर्ट के पास यमुना प्राधिकरण ने 39 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन निरस्त कर दिया है. 336 ऐसे आवंटी है जिनको पूर्व में चेक लिस्ट जारी हो चुकी थी, आवंटियों द्वारा निर्धारित समय अवधि बीत जाने पर भी लीज डीड निष्पादित नहीं करवाई गई.

भूखंडों के आवंटन के बाद नहीं स्थापित हुए उद्योग

आपको बता दें कि यमुना अथॉरिटी का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में विकास और रोजगार पहुंचाना है, जिसके 3000 के ऊपर प्लाटों का आवंटन किया गया था लेकिन समय पर लीज डीड नहीं कराई गई. बताया गया कि बहुत सारे प्रकरण ऐसे हैं जिसमें समय पर रिलीज लीज डीड हुई, पजेशन प्राप्त किया गया, लेकिन औद्योग विकसित नहीं किए गए. इससे रोजगार की जो संभावनाएं है, वह प्रभावित हो रही थी. आवंटियो को चिन्हित कर उन्हें नोटिस दिया गया, उनमें से 130 लोगों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, उसमें से 39 प्रकरणों को चिन्हित करके ऐसे प्लाटों को कैंसिल करने की कार्रवाई की गई है.

समय बीत जाने के बाद नहीं कराई लीज डीड

यमुना प्राधिकरण ने औद्योगिक भूखंड़ों के मसले पर औद्योगिक के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 21 नवम्बर को बैठक हुई थी. 366 ऐसे आवंटियों थे, जिन्हें पहले ही चेकलिस्ट जारी की जा चुकी थी कि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी लीज डीड नहीं कराई गई.

साथ ही सभी आवंटियों को एक-एक अंतिम मौका देते हुए सार्वजनिक सूचना भी जारी कराई गई. वहीं प्राधिकरण ने अब सेक्टर-32 एवं 33 में 19, सेक्टर-29 एमएसएमई पार्क में 12, हैडीक्रॉफ्ट पार्क में पांच और टॉय पार्क सेक्टर-33 में तीन भूखंडों को निरस्त किया है.

4 साल के अंदर लगानी होती है कंपनी

यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के सीईओ राकेश सिंह ने बताया कि औद्योगिक भूखंडों के आवंटियों को साल 2020 के बाद से ही चेकलिस्ट जारी की जा रही है. जिसके बाद 60 दिन के अंदर आवंटी को भूखंड का पट्टा विलेख निष्पादित कराकर क़ब्जा लेकर मानचित्र स्वीकृत कराना होता है. उसके बाद भूखंड पर चार साल के अंदर कंपनी लगानी होती है. लेकिन नोटिस जारी करने के बाद भी आंवटियों की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया.

About Manish Shukla

Manish Shukla
मैं मनीष शुक्ला RBNEWS PVT LTD नेटवर्क में मुख्य संपादक एवं डायरेक्टर हूं. मीडिया उद्योग में 4 वर्षों से अधिक अनुभव के साथ, मैं रिपोर्टिंग और विश्लेषण में अपने अनुभव का लाभ उठाकर पाठको को आकर्षित और जागरूक करने वाली उच्च-प्रभाव वाली खबरों को सत्यतापूर्वक पेश करता हूं. वर्तमान में, मैं यु.पी., एम.पी., बिहार, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल एवं दिल्ली सरकार की राजनीतिक व अपराधिक घटनाओं, एवं प्रवर्तन निदेशालय (ED), CBI को कवर करने, के साथ कुछ इंटरव्यू और समसामयिक मामलों पर व्यावहारिक विश्लेषण प्रदान करने के लिए ज़िम्मेदारी निभा रहा हूं.

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