प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने असम में एक बड़े सरकारी फंड घोटाले के मामले में बड़ा एक्शन लिया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने कार्रवाई करते हुए असम सरकार की अधिकारी सिवाली देवी शर्मा और उनके करीबियों की चल और अचल संपत्तियां जब्त की हैं. जब्त संपत्तियों की कीमत करीब 6.40 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
ED ने ये कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की है. बता दें कि ये पूरा मामला सिवाली देवी शर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसे विजिलेंस पुलिस स्टेशन असम ने दर्ज किया था. उन पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल कर करीब 105.76 करोड़ रुपये का गबन किया.
ईडी की जांच में सामने आया कि 2017 से 2021 के बीच जब सिवाली देवी शर्मा ODL सेल, SCERT, असम की कार्यकारी अध्यक्ष और निदेशक थीं, तब उन्होंने सरकार की मंजूरी के बिना 347 स्टडी सेंटर खोल दिए और 1,06,828 trainees को एडमिशन दे दिया. जबकि सरकार ने केवल 59 स्टडी सेंटर और 27,897 प्रशिक्षुओं की ही मंजूरी दी थी.
ED की जांच के मुताबिक इन फर्जी दाखिलों से सिवाली देवी और उनके सहयोगियों ने लगभग 115 करोड़ रुपये फीस के रूप में वसूले. आरोप है कि उन्होंने ODL सेल के नाम पर पांच बैंक खाते खोले और उस रकम को सरकारी खजाने में जमा नहीं किया.
ED ने कई संपत्तियां की जब्त
ईडी की जांच में ये भी सामने आया कि सिवाली देवी शर्मा ने वित्तीय अधिकार न होने के बावजूद खुद ही सारे फंड ट्रांसफर कर दिए. सिवाली देवी शर्मा ने ये पैसा अपने और अपने परिवार के खातों में ट्रांसफर किया और फिर इन्हीं पैसों से जमीन-जायदाद और अन्य संपत्तियां खरीदी गईं. अब ED ने इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच यानी जब्त कर लिया है. एजेंसी की जांच अभी जारी है.
RB News World Latest News