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Smoking: स्मोकिंग करना सेहत के लिए हानिकारक, स्मोकिंग से लंग्स कैंसर का खतरा, स्मोकिंग छोड़ने के फायदों को लेकर एक रिसर्च सामने आई, आइए इस बारे में डिटेल में जानते हैं

अधिकतर लोग जानते हैं कि स्मोकिंंग छोड़ने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं, लेकिन जो लोग लंबे समय से स्मोकिंग कर रहे हैं उनको लगता है कि अब देर हो चुकी है. कई सालों तक स्मोकिंग करने के बाद इसको छोड़ने से बहुत फायदा नहीं होने वाला है, लेकिन ऐसा नहीं है. टोरंटो विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च की है, जिसमें बताया गया है कि जो लोग धूम्रपान छोड़ते हैं, उनकी जीवन प्रत्याशा सुधर जाती है. भले ही इसको किसी भी उम्र में छोड़ दें. इस रिसर्च को जर्नल एनईजेएम एविडेंस में प्रकाशित किया गया है. रिसर्च के परिणाम बताते हैं कि 40 की उम्र से पहले जो लोग स्मोकिंग छोड़ देते हैं, उनकी जीवन दर की संभावना उन लोगों जितनी ही होती है, जिन्होंने कभी स्मोकिंग नहीं की थी.

रिसर्च में कहा गया है कि यदि किसी भी उम्र का व्यक्ति तीन साल से कम समय के लिए भी स्मोकिंग छोड़ देता है तो इससे जीवन के 5 साल खोने से बच सकते हैं. वैज्ञानिकों ने 15 लाख वयस्कों के स्वास्थ्य पर 15 साल तक नज़र रखी. इस दौरान इनके स्मोकिंग पैटर्न पर नजर रखी गई. रिसर्च में पता चला कि स्मोकिंग करने वालों में न करने वालों की तुलना में जीवन प्रत्याशा 12 साल कम थी.

लेकिन अगर स्मोकिंग करना छोड़ दे तो इससे जीवन प्रत्याशा 10 साल तक भी बढ़ सकती है. जिन लोगों ने स्मोकिंग को 10 सालों तक छोड़ दिया था उनका कई घातक बीमारियों का रिस्क कम हो गया था. जिन लोगों ने तीन साल से कम समय के लिए भी स्मोकिंग

मौत का जोखिम 30 फीसदी तक कम

रिसर्च में वैज्ञानिकों ने कहा है कि जो लोग हमेशा के लिए स्मोकिंग को छोड़ देते हैं उनमें इससे जुड़ी बीमारियों से मौत का जोखिम 30 फीसदी तक कम हो सकता है. स्मोकिंग छोड़ने से हार्ट डिजीज, कैंसर जैसी बीमारियों का रिस्क भी कम रहता है. साथ ही इससे लंग्स कैंसर, सीओपीडी और सांस से संबंधित अन्य कई बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है. हालांकि जो लोग लंबे समय से स्मोकिंग कर रहे थे उनके फेफड़ों स्मोकिंग न करने वालों की तुलना में ज्यादा खराब होते हैं, लेकिन स्मोकिंग छोड़ने से फेफड़ों की बिगड़ती हालत में सुधार किया जा सकता है.

About Manish Shukla

Manish Shukla
मैं मनीष शुक्ला RBNEWS PVT LTD नेटवर्क में मुख्य संपादक एवं डायरेक्टर हूं. मीडिया उद्योग में 4 वर्षों से अधिक अनुभव के साथ, मैं रिपोर्टिंग और विश्लेषण में अपने अनुभव का लाभ उठाकर पाठको को आकर्षित और जागरूक करने वाली उच्च-प्रभाव वाली खबरों को सत्यतापूर्वक पेश करता हूं. वर्तमान में, मैं यु.पी., एम.पी., बिहार, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल एवं दिल्ली सरकार की राजनीतिक व अपराधिक घटनाओं, एवं प्रवर्तन निदेशालय (ED), CBI को कवर करने, के साथ कुछ इंटरव्यू और समसामयिक मामलों पर व्यावहारिक विश्लेषण प्रदान करने के लिए ज़िम्मेदारी निभा रहा हूं.

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