पंजाब में भले ही विधानसभा उपचुनावों का ऐलान न हुआ हो, इससे पहले ही यहां राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चली है. यही कारण है कि आम आदमी पार्टी के बाद अब कांग्रेस ने भी लुधियाना पश्चिम सीट पर अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है. कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए भारत भूषण आशु को पार्टी उम्मीदवार घोषित किया है. उम्मीदवारों के ऐलान के बाद ऐसा माना जा रहा है कि चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों का ऐलान कर सकता है. आइये जानते हैं कांग्रेस ने जिसे अपना उम्मीदवार बनाया है, वो कौन है और क्या राजनीतिक बैकग्राउंड रहा है.
लुधियाना पश्चिम सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक गुरप्रीत बस्सी गोगी का निधन हो गया था. गोगी की उनके घर पर लाइसेंसी बंदूक से गलती से गोली चलने के कारण मौत हो गई थी. इसके बाद लुधियाना पश्चिम सीट खाली हो गई थी. यही कारण है कि यहां उपचुनाव होने वाले हैं. इस सीट पर आम आदमी पार्टी ने पहले ही राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को उम्मीदवार बनाया है.
कौन हैं भारत भूषण आशु?
भारत भूषण आशु का जन्म 20 मार्च, 1971 को हुआ था. वह पंजाब में कांग्रेस के बड़े नेता माने जाते हैं. वह पंजाब के लुधियाना पश्चिम सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं. कांग्रेस में खासी पकड़ मानी जाती है. भारत भूषण पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे, उस समय उनके पास खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले का प्रभार था.
भारत भूषण आशु का राजनीतिक सफर पंजाब के लुधियाना शहर के वार्ड नंबर 48 से वर्ष 1997 में शुरू हुआ था, जब वह यहां से पार्षद चुने गए. वह लगातार 2002, 2007 में भी पार्षद बने. लगातार तीन बार पार्षद चुने जाने के कारण उनका नाम एकाएक चर्चा में आ गया. यही कारण है कि इस चर्चा का पूरा फायदा आशु ने उठाया और वार्ड से सीधे विधानसभा की तैयारी शुरू कर दी.
भारत भूषण आशु ने पार्षद रहते हुए ही विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी की थी. इस मेहनत का फल ही उन्हें मिला. साल 2012 में कांग्रेस ने उन्हें लुधियाना (पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए टिकट मिला और वो पंजाब विधानसभा में डिप्टी सीएलपी नेता बने. 2017 में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया.
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल जा चुके आशु
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले में टेंडर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने भारत भूषण और उनके करीबी सहयोगी राजदीप सिंह नागरा को 1 अगस्त 2024 और 4 सितंबर 2024 को पीएमएलए 2002 के तहत मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उस समय उन्हें जेल भी जाना पड़ा था. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने कार्रवाई करते हुए 22.78 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की थी.
विवादों से रहा आशु का नाता
भारत भूषण आशु जितना प्रदेश की राजनीति में चर्चित चेहरा हैं, उससे कहीं ज्यादा उनका नाम विवादों में जुड़ा रहता है. जनवरी 2019 में, भारत भूषण आशु को एक सार्वजनिक समारोह में महिला अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार करते हुए सार्वजनिक रूप से देखा गया. तब वह विवादों में आ गए थे. इसके अलावा धमकी वाला वीडियो भी वायरल हुआ था. अक्टूबर 2019 में भारत भूषण आशु ने उप-चुनाव की तैयारियों के दौरान अपनी ही पार्टी के वॉलनटिअर को पीटा था. इसके अलावा कई और ऐसे मामले हैं जिन्होंने आशु को चर्चाओं में बनाए रखा.