प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की जापान यात्रा पर हैं. पीएम की यात्रा के पहले ही दिन शुक्रवार को जापान से अच्छी खबर सामने आई है. जापान की कई कंपनियां भारत में करीब 1.15 लाख करोड़ रुपये (13 बिलियन USD) निवेश के लिए तैयार हो गई हैं. इस निवेश के लिए 170 से ज्यादा MoUs पर साइन हुए हैं. ये निवेश स्टील, ऑटोमोबाइल, रिन्यूवल एनर्जी, सेमीकंडक्टर, रियल एस्टेट और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा. कंपनियों का यह कदम दिखाता है कि जापान को भारत की आर्थिक क्षमता पर पूरा भरोसा है.
1. निप्पॉन स्टील (AM/NS इंडिया): गुजरात में 1,500 करोड़ रुपये का विस्तार और आंध्र प्रदेश में 5,600 करोड़ रुपये का एकीकृत स्टील प्लांट के लिए निवेश करेगी.
3. टोयोटा किरलोस्कर: कर्नाटक में 3,300 करोड़ रुपये का विस्तार और महाराष्ट्र में 20,000 करोड़ रुपये का निवेश नए प्लांट के लिए करेगी.
4. सुमितोमो रियल्टी: रियल एस्टेट में 4.76 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश.
5. JFE स्टील: इलेक्ट्रिकल स्टील उत्पादन को मजबूत करने के लिए 44,500 करोड़ रुपये का निवेश.
6. ओसाका गैस: 400 मेगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना और भविष्य में ग्रीन हाइड्रोजन की पहल.
2 दिन की यात्रा पर गए हैं मोदी
पीएम मोदी 29 से 30 अगस्त तक जापान की अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के लिए शुक्रवार को टोक्यो पहुंच गए थे. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी 15वें भारत-जापान एनुअल समिट में भाग लेंगे. इस दौरान वे जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा से भी मुलाकात करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार और टैरिफ नीतियों को लेकर भारत-अमेरिका संबंधों में खटास आ रही है.
भारतीय उद्योगों को फायदा
जापानी औद्योगिक साझेदारी भारतीय SMEs को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ रही है. टोक्यो इलेक्ट्रॉन और फुजीफिल्म देस की टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं, जिसमें भारतीय SMEs ज्यादा कीमत वाले पुर्जों के सप्लायर बनेंगे. टोयोटा और सुजुकी इनकी सप्लाई चेन में सैकड़ों भारतीय टियर-2 और टियर-3 SMEs शामिल होंगे. फुजीत्सु अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर में 9,000 भारतीय इंजीनियरों की भर्ती करेगा, जिससे आईटी से जुड़े SMEs को बढ़ावा मिलेगा. इन साझेदारियों से भारतीय SMEs को वैश्विक स्तर की कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक और नए बाजारों तक पहुंच मिलेगी, जिससे भारत की निर्यात क्षमता मजबूत होगी.