मध्यप्रदेश के जबलपुर में बुलडोजर कार्रवाई के दौरान हार्ट अटैक से एक दुकानदार की मौत हो गई. दुकान पर प्रशासन का पंजा गरजने वाला ही था, तभी दुकानदार की अचानक तबीयत बिगड़ गई. उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. मृतक का नाम मिंटू अग्रवाल है. घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया. कई घंटों तक चले प्रदर्शन के बाद रात में युवक का पोस्टमार्टम कराया गया. फिलहाल स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है.
कपड़े का व्यवसाय था
मृतक मिंटू अग्रवाल की उम्र लगभग 40 वर्ष बताई जा रही है और वह बरगी क्षेत्र के निगरी गांव के निवासी थे और अपने भाई के साथ मिलकर कपड़े का व्यवसाय करते थे. जानकारी के अनुसार, उक्त स्थान पर उनकी दुकान करीब 12 वर्षों से संचालित थी जो राजा पटेल से किराए से लिए हुए, इस पूरे मामले में दुकान मालिक के द्वारा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का स्टे आर्डर दिखाया लेकिन मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्टे ऑर्डर देखने से भी इंकार कर दिया.
इधर परिजनों और व्यापारियों का आरोप है कि चंदा बाई नामक महिला द्वारा प्रस्तुत स्टे ऑर्डर को नायब तहसीलदार ने स्वीकार नहीं किया. इस आरोप को लेकर भी क्षेत्र में चर्चा है. साथ ही पटवारी और पूर्व सरपंच संतोष सिंह परिहार उर्फ नन्हू तथा ऋषि पांडे उर्फ पप्पू को हत्या का दोषी ठहराया है. मृतक के परिजन का कहना है कि दबंगों के कहने पर ही प्रशासन के द्वारा यह कार्रवाई की जा रही थी.
मृतक के भाई ने क्या बताया?
मृतक के भाई मनोज अग्रवाल ने बताया कि उनकी कपड़े की दुकान किराए की थी और वे प्रशासन के निर्देशानुसार दुकान खाली कर रहे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से बार-बार पांच मिनट का समय है कहकर दबाव बनाया जा रहा था. मौके पर लगभग 250300 लोग मौजूद थे और बहुत सारे लोग सामान लोड कर रहे थे. तीन-चार पिकअप वाहन लगे थे.
मनोज के अनुसार, मौके पर टीआई, सीएसपी, तहसीलदार, पटवारी और पुलिस बल मौजूद था. उनका कहना है कि लगातार दबाव के कारण उनके भाई घबरा गए. उन्हें पास के गोदाम में बैठने भेजा गया, लेकिन वहीं उनकी तबीयत बिगड़ गई. परिजन उन्हें जबलपुर लेकर आए, पर उन्हें बचाया नहीं जा सका. मिंटू अग्रवाल अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं. परिजनों ने मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है.
बरगी सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की जा रही थी. इसी दौरान मिंटू अग्रवाल की तबीयत खराब हुई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें डेड घोषित किया. परिजनों ने थाने में आवेदन दिया है, जिसमें लगाए गए आरोपों की विधिवत जांच की जाएगी.
सीएसपी ने कहा कि स्टे ऑर्डर और संबंधित जमीन के दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी. तहसील कार्यालय के पत्राचार और रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे. जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि किस जमीन पर कार्रवाई की जा रही थी और क्या प्रक्रियाएं अपनाई गईं. फिलहाल एहतियात के तौर पर क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है. प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी.
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