“तुम लोग चारों तरफ से घर लिए गए हो सरेंडर कर दो “…… फिल्मों में पुलिसकर्मियों को घेराबंदी के दौरान अपराधियों से ऐसा कहते हुए सुना है, लेकिन झारखंड की राजधानी रांची में ऐसा ही देखने को मिला. अधिवक्ता गोपी कृष्ण हत्याकांड मामले में अपराधियों की धर पकड़ के लिए गई पुलिस का अपराधियों के साथ मुठभेड़ हो गया. यहां भी पुलिस ने घेराबंदी करते हुए अपराधियों को सरेंडर करने को कहा, लेकिन अपराधी फायरिंग करने लगे. इसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें एक बदमाश को गोली लगी और वह घायल हो गया. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. वहीं दूसरा साथी मौके से फरार हो गया.
रांची पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि 2 अगस्त को दिनदहाड़े रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिविल कोर्ट अधिवक्ता गोपी कृष्ण की चाकू मारकर की गई बर्बरता पूर्वक हत्याकांड मामले में संलिप्त रोशन नमक , राजधानी रांची के अनगड़ा के पास महेशपुर के बगानटोली के एक घर में अपने सहयोगियों के साथ छुपा हुआ है.
पूरी टीम के साथ पहुंची पुलिस
सूचना के बाद पुलिस की टीम पूरी तैयारी के साथ रोशन को गिरफ्तार करने के लिए अनगड़ा के महेशपुर पहुंची थी और पुलिस की टीम पूरी तैयारी के साथ अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए अनगड़ा के महेशपुर पहुंची थी और उन्हें सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन अपराधी पुलिस को निशाना बनाते हुए गोलियां चलाने लगे. इसी बीच अपराधियों के द्वारा पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी गई. गनीमत रही कि अपराधियों की गई गोलीबारी की घटना में किसी भी पुलिस कर्मियों को गोली नहीं लगी. इसके बाद पुलिस की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में अपराधी रोशन को एक गोली लग गई. घायल अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता दिवंगत अधिवक्ता गोपी कृष्ण के घर सुखदेव नगर थाना के मधु कम पहुंचे थे, जहां उन्होंने अधिवक्ता के परिजनों से मुलाकात की थी और उन्हें यह अस्वस्थ किया था कि जल्द से जल्द अधिवक्ता के कातिल सलाखों के पीछे होंगे.
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