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दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद बैठक में कुलपति ने स्थायी नियुक्तियों पर जोर दिया, बैठक में नॉर्दर्न रेलवे अस्पताल में 9 नए पीजी मेडिकल कोर्स और पीएचडी कोर्स वर्क के लिए नई गाइडलाइंस भी मंजूर की गई

दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद बैठक में कुलपति ने स्थायी नियुक्तियों पर जोर दिया. उन्होंने कॉलेजों को गेस्ट शिक्षकों के बजाय नियमित भर्तियां करने को कहा है. बैठक में नॉर्दर्न रेलवे अस्पताल में 9 नए पीजी मेडिकल कोर्स और पीएचडी कोर्स वर्क के लिए नई गाइडलाइंस भी मंजूर की गई हैं. फैकल्टी के लिए नेशनल/इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में पेपर प्रस्तुति हेतु यात्रा अनुदान के नियम भी तय किए गए.

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को साल में दो बार शैक्षणिक नियुक्ति करनी चाहिए और कॉलेजों को गेस्ट टीचर्स पर निर्भर रहने के बजाय नियमित आधार पर स्थायी पदों पर भर्ती करनी चाहिए.

फंड का लाभ लें कॉलेज

बैठक की शुरुआत में परिषद सदस्यों ने कई मुद्दों पर अपने सुझाव रखे. इसके बाद रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता ने एजेंडा प्रस्तुत किया, जिस पर विस्तृत चर्चा हुई. कॉलेजों में स्पोर्ट्स कोच की नियुक्ति के सवाल पर कुलपति ने सभी कॉलेजों को निर्देश दिया कि वे अपने यहां स्पोर्ट्स कोच नियुक्त करें. इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी पर उन्होंने कहा कि जिन कॉलेजों को आवश्यकता हो, वे HEFA से तुरंत फंड के लिए आवेदन करें. उन्होंने कहा कि यह बेहतर मौका है, योजना बंद होने पर कठिनाई आ सकती है, इसलिए कॉलेजों को इसका लाभ लेना चाहिए.

9 पीजी मेडिकल कोर्स शुरू करने की मंजूरी

नॉर्दर्न रेलवे सेंट्रल हॉस्पिटल के इंडियन रेलवे पोस्ट-ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (IRPGIMSR) में नौ पीजी मेडिकल कोर्स शुरू किए जाएंगे. डीयू कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने इन कोर्सों को मंज़ूरी दे दी है, हालांकि अंतिम शुरुआत नेशनल मेडिकल कमीशन की अनुमति पर निर्भर करेगी.

शैक्षणिक वर्ष 202526 के लिए विषयवार प्रस्तावित सीटें

  • एनेस्थीसिया 4
  • जनरल मेडिसिन 4
  • जनरल सर्जरी 4
  • प्रसूति एवं स्त्री रोग 2
  • नेत्र रोग 4
  • अस्थिरोग 4
  • ईएनटी 4
  • बाल रोग 2
  • पैथोलॉजी 4

पीएचडी कोर्स वर्क के लिए नई गाइडलाइन

डीयू ने विभिन्न विभागों में पीएचडी कोर्स वर्क के पैटर्न के अंतर को देखते हुए नई गाइडलाइन लागू की हैं, जो 202526 से प्रभावी होंगी. रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता के मुताबिक, पीएचडी कोर्स वर्क के लिए कुल 1216 क्रेडिट अनिवार्य होंगे.

  • रिसर्च मेथडोलॉजी, एडवांस्ड रिसर्च मेथडोलॉजी 4 क्रेडिट
  • रिसर्च पब्लिकेशन एथिक्स 2 क्रेडिट
  • रिसर्च टूल्स 2 क्रेडिट
  • डिसिप्लिन-स्पेसिफिक इलेक्टिव कोर्स 4 क्रेडिट

जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त 4 क्रेडिट (विशेषीकृत क्षेत्र के लिए) उन्होंने बताया कि कोर्स वर्क के टीचिंग आवर्स को फैकल्टी वर्कलोड में शामिल किया जाएगा.

डीयू डेलीगेट्स के लिए नई गाइडलाइन

डीयू ने ऐसे फैकल्टी सदस्यों के लिए नई प्रक्रिया तय की है, जो भारत में आयोजित नेशनल या इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस, सेमिनार में पेपर प्रेज़ेंट करने जाते हैं. ट्रैवल ग्रांट उन्हीं फैकल्टी मेंबर्स को मिलेगा जो टॉप 500 QS / टॉप 500 THE वर्ल्ड रैंकिंग / टॉप 100 NIRF रैंकिंग वाले प्रतिष्ठित संस्थानों में पेपर प्रस्तुत करेंगे.

अगर कॉन्फ्रेंस किसी स्वतंत्र, राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्था (जैसे किसी थीमैटिक एरिया की नेशनल एसोसिएशन) द्वारा आयोजित हो, तो समिति आयोजक संस्था और प्रस्तुत किए जाने वाले पेपर की गुणवत्ता की जांच करेगी. उन कॉन्फ्रेंस को भी मान्यता मिलेगी जिनकी प्रोसीडिंग्स Scopus या Web of Science में इंडेक्स्ड जर्नल्स में प्रकाशित होती हैं.

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