ब्रांड नाम या लेबल में ORS शब्द का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह करने वालों की अब खैर नहीं. इस संबंध में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के फूड सेफ्टी कमिश्नरों को आदेश जारी किया है. इसमें कहा है कि गुमराह करने वाले इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स और ORS को तुरंत हटाया जाएं. FSSAI के इस आदेश की वजह ये है कि इन प्रोडक्ट्स के ब्रांड नाम या लेबल में ORS शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे लोगों को गुमराह किया जा रहा है.
दरअसल, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 14 और 15 अक्टूबर 2025 को साफ कहा था कि किसी भी फूड प्रोडक्ट चाहे वह फ्रूट बेस्ड ड्रिंक हो या नॉन-कार्बोनेटेड/रेडी-टू-ड्रिंक बेवरेज, उसके नाम में ORS शब्द का इस्तेमाल पूरी तरह बैन है. इसके बावजूद कई कंपनियां और प्लेटफॉर्म इसका उल्लंघन कर रहे हैं.
राज्यों के अधिकारियों को सख्त निर्देश
FSSAI को जानकारी मिली है कि कई ई-कॉमर्स साइट्स, फार्मेसी,सुपरमार्केट और स्थानीय दुकानों पर ऐसे ड्रिंक अभी भी ORS नाम के साथ बेचे जा रहे हैं. इस पर रोक लगाने के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सभी राज्यों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं. आइए जानते हैं कि FSSAI ने क्या कहा है.
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फील्ड और डिजिग्नेटेड ऑफिसर फौरन बाजार और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर जांच अभियान चलाएं
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जिन प्रोडक्ट में ORS का गलत इस्तेमाल मिल रहा है, उन्हें बिक्री से हटाएं
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संबंधित कंपनियों के खिलाफ FSS एक्ट, 2006 के तहत कार्रवाई करें
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FSSAI को जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजें. इसमें बताएं कि कहां जांच हुई, क्या-क्या पाया गया और कौन सी कार्रवाई की गई.
असली ORS पर कार्रवाई न करने की चेतावनी
FSSAI ने ये भी साफ किया है कि कुछ जगहों पर अधिकारी गलती से असली ORS पर भी कार्रवाई कर रहे हैं. जबकि ये FSSAI के दायरे में आते ही नहीं हैं.WHO-फॉर्मूलेशन वाले ORS ड्रग प्रोडक्ट्स ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत कवर होते हैं. उन पर अक्टूबर 2025 का आदेश लागू नहीं होते. लिहाजाअसली ORS की बिक्री या वितरण में दखल न दें.असली ORS की सैंपलिंग, जांच या रोकथाम जैसी कोई कार्रवाई ना हो.कार्रवाई सिर्फ उन ड्रिंक पर हो जो भ्रामक तरीके से खुद को ORS बताकर बेचे जा रहे हैं.
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