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Cancer Symptoms: भारत में कैंसर के मामले हर साल बढ़ रहे, कैंसर की बीमारी में सबसे बड़ी समस्या, कैंसर के ऐसे क्या लक्षण हैं जो जरूर दिखते हैं आइए डॉक्टरों से डिटेल में जानते हैं.

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसके मरीज की जान बचाना आज भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, साल 2020 में कैंसर से 10 मिलियन लोगों की मौत हुई थी. यह आंकड़ा हर साल बढ़ता जा रहा है. कैंसर के मामले बढ़ने की एक बड़ी वजह खराब खानपान और बिगड़ा हुआ लाइफस्टाइल है. अब कम उम्र में भी लोग कैंसर का शिकार हो रहे हैं. कैंसर के अधिकतर मामले आज भी आखिरी स्टेज में सामने आते हैं. इस बीमारी की देरी से पहचान होने के कई कारण है, लेकिन आपके लिए यह जानना जरूरी है कि ऐसे क्या लक्षण हैं जो कैंसर होने पर जरूर नजर आते हैं. इस बारे में जानने के लिए हमने एक्सपर्ट्स से बातचीत की है.

हेमेटोलॉजिस्ट और ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रोहित कपूर बताते हैं कि आज भी कैंसर के अधिकतर मामले आखिरी स्टेज में सामने आते हैं. इसका कारण यह है कि लोग अपनी बीमारी का इलाज देसी तरीकों से कराते रहते हैं. कई मामलों में यह पता नहीं चल पाता है कि ये सामान्य बीमारी नहीं बल्कि कैंसर है. अगर लंबे समय से कोई बीमारी शरीर में रहती भी है तो लोग खुद से दवाओं का सेवन शुरू कर देते हैं और डॉक्टरों की सलाह के बिना लंबे समय तक उनको खाते रहते हैं. इस वजह से समय पर कैंसर की जांच नहीं हो पाती है. जब स्थिति काफी गंभीर हो जाती है तो मरीज इलाज के लिए आते हैं.

समय पर कैंसर की जांच न होने का एक बड़ा कारण यह भी है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इस बीमारी की जांच की उतनी बेहतर सेवाएं नहीं हैं. जितनी की बड़े केंद्रों में होती है. कई मामलों में कैंसर की सही पहचान ही नहीं हो पाती है. जैसे लंग्स कैंसर के कई मामलों में पहले टीबी डिटेक्ट होती है, लेकिन वह होता कैंसर है.इसलिए लोगों को सलाह है कि अगर उनके शरीर में कोई बीमारी है और कई महीनों से उसमें आराम नहीं मिल रहा है तो कैंसर की स्क्रीनिंग जरूर करा लें. भले ही इसके लिए आपको बड़े अस्पताल जाना पड़े.

कैंसर की पहचान के लिए टेस्ट कराएं

डॉ रोहित बताते हैं कि अगर आपको हमेशा पेट में दर्द रहता है और इलाज के बाद भी आराम नहीं मिल रहा है तो कोलन कैंसर की जांच कराएं. इसी तरह अगर यूरिन से संबंधित कोई बीमारी है और किडनी में कोई समस्या नहीं है तो प्रोस्टेट कैंसर की जांच कराएं. ब्रेस्ट में अगर गांठ है और इसमें कोई आराम नहीं मिल रहा है तो ब्रेस्ट कैंसर की जांच करा लें.

कोशिश करें कि 40 साल की उम्र के बाद नियमित रूप से हर एक साल में कैंसर की स्क्रीनिंग कराते रहें. इसके साथ यह भी जरूरी है कि कैंसर के इन लक्षणों को बिलकुल भी नजरअंदाज न करें.

90 फीसदी मामलों में ये लक्षण दिखते हैं

अचानक वजन कम होना : डॉ रोहित बताते हैं कि अगर बिना किसी कारण अचानक आपका वजन गिर रहा है तो ये कैंसर का लक्षण हो सकता है. इस मामले में आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

शरीर मेंं गांठ बनना जिसमें दर्द न हो : अगर शरीर में गांठ बन गई है और इसमें कोई दर्द नहीं है और ये लगातार बढ़ रही है तो ये भी कैंसर का लक्षण होता है. 80 से 90 फीसदी मामलों में ऐसे लक्षण में कैंसर डिटेक्ट

हमेशा हल्का बुखार बने रहना : हमेशा शरीर में अगर हल्का बुखार बना रहता है औद दवा लेकर ठीक हो जाता है, लेकिन फिर बुखार हौ जाता है तो ये कैंसर का लक्षण हो सकता है. इस मामले में लापरवाही न करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

हमेशा थकान बने रहना : अगर खानपान ठीक है और कोई फिजिकल वर्क नहीं कर रहे हैं, लेकिन फिर भी थकान हमेशा बनी रहती है तो आपको कैंसर की जांच करानी चाहिए

जेनेटिक का भी रोल

दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में डायरेक्टर रहे डॉ किशोर सिंह बताते हैं कि कुछ कैंसर ऐसे भी होते हैं जिनके एक से दूसरी पीढ़ी में जाने का खतरा रहता है. जैसे कि ब्रेस्ट कैंसर दूसरी पीढ़ी में भी जा सकता है. इसलिए उन महिलाओं को 30 साल की उम्र के बाद ही अपनी स्क्रीनिंग करा लेनी चाहिए जिनको ब्रेस्ट कैंसर की पारिवारिक हिस्ट्री रही है.

लाइफस्टाइल को ठीक रखें

आप अपनी लाइफस्टाइल को ठीक रखें. कैंसर के रिस्क फैक्टर, जैसे की शराब और धूम्रपान से दूरी बनाएं और एक्सरसाइज को अपने रूटीन में जरूर शामिल करें.

About Manish Shukla

Manish Shukla
मैं मनीष शुक्ला RBNEWS PVT LTD नेटवर्क में मुख्य संपादक एवं डायरेक्टर हूं. मीडिया उद्योग में 4 वर्षों से अधिक अनुभव के साथ, मैं रिपोर्टिंग और विश्लेषण में अपने अनुभव का लाभ उठाकर पाठको को आकर्षित और जागरूक करने वाली उच्च-प्रभाव वाली खबरों को सत्यतापूर्वक पेश करता हूं. वर्तमान में, मैं यु.पी., एम.पी., बिहार, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल एवं दिल्ली सरकार की राजनीतिक व अपराधिक घटनाओं, एवं प्रवर्तन निदेशालय (ED), CBI को कवर करने, के साथ कुछ इंटरव्यू और समसामयिक मामलों पर व्यावहारिक विश्लेषण प्रदान करने के लिए ज़िम्मेदारी निभा रहा हूं.

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