बिहार में इस साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए कमर कसते हुए कांग्रेस ने रविवार को इस सिलसिले में 58 पर्यवेक्षक नामित किए. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव के लिए 58 पार्टी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की, जिनमें विंग कमांडर अनुमा आचार्य (सेवानिवृत्त), अली मेहंदी, अशोक चांदना, मनोज यादव, नदीम जावेद, शोएब खान, अखिलेश यादव, वीरेंद्र यादव जैसे नेता शामिल हैं.
बिहार में पिछले विधानसभा चुनाव में ‘महागठबंधन’ के सबसे बड़े घटक दल आरजेडी ने 144 सीट पर चुनाव लड़ा था और 75 सीट जीती थीं. बिहार में विधानसभा की 243 सीट हैं.
कांग्रेस ने 70 सीट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे केवल 19 सीट मिलीं. गठबंधन की दूसरी सहयोगी भाकपा (माले) लिबरेशन ने 19 सीट पर चुनाव लड़ा और 12 सीट हासिल कीं. बिहार में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है.
राजनीतिक के जानकारों के मुताबिक 2024 के लोकसभा चुनाव में कमजोर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के लिए बिहार विधानसभा चुनाव एक बड़ा मौका है, जिससे वह संगठन को पुनर्गठित कर राज्य में अपनी पकड़ मजबूत कर सकती है. पर्यवेक्षकों की यह तैनाती कांग्रेस की एक संगठित रणनीति का हिस्सा है.
243 विधानसभा सीटों पर चुनाव
बिहार विधानसभा की 243 सीटों पर चुनाव अक्टूबर-नवंबर में संभावित हैं. इस बार कांग्रेस जहां अपने पिछले प्रदर्शन को सुधारना चाहेगी, वहीं महागठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर रणनीतिक सोच पहले से शुरू कर दी गई है. चुनाव आयोग ने भी बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज कर दिया है.
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