Amroha MGNREGA Fraud Case: यूपी के अमरोहा जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में हुए फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद प्रशासन के द्वारा कड़ी कार्रवाई की जा रही है. डीएम द्वारा गठित जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर 8 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है. इस मामले में भारतीय तेज गेंजबाद मोहम्मद शमी की बहन, बहनोई और अन्य लोगों के भी नाम सामने आया है.
जांच टीम ने पकड़ा गड़बड़ी का मामला
बता दें कि मनरेगा योजना में वित्तीय अनियमितताओं और फर्जीवाड़े की शिकायतों के मद्देनजर डीएम अमरोहा ने एक विशेष टीम का गठन किया था. इस टीम ने गहन जांच के बाद दोषियों की पहचान की और रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी. रिपोर्ट के आधार पर, संबंधित अधिकारियों को दोषी पाया गया, जिसके बाद डीएम ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए. पुलिस के मुताबिक ब्लॉक के कर्मचारियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 316(5) के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है.
क्रिकेटर मोहम्मद शमी के रिश्तेदारों से भी वसूली
जांच में यह भी सामने आया कि इस फर्जीवाड़े में क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन और जीजा समेत अन्य लोगों की भी संलिप्तता पाई गई. हालांकि प्रशासन ने शमी की बहन और जीजा को क्लिनचिट दे दी है, लेकिन प्रशासन 8.68 लाख रुपये की वसूली करेगी. इसके साथ ही, इस अनियमितता में शामिल ग्राम प्रधान के अधिकार भी सीज कर दिए गए हैं. शमी की बहन की सास पलौला गांव की प्रधान के पद पर थीं.
सख्त कार्रवाई के संकेत
जिला प्रशासन ने ये तो साफ कर दिया है कि इस प्रकार की वित्तीय गड़बड़ियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नौकरी के नाम पर धोखे से पैसे लेना और फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दोषी अधिकारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए आगे भी ऐसी जांच जारी रहेगी.