Waqf Amendment Bill: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 पेश कर दिया है। इस पर 8 घंटे की चर्चा होने की उम्मीद है। इस बिल का विपक्ष ने जोरदार विरोध किया है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह विधेयक अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला है, जबकि सरकार का दावा है कि इससे वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन होगा।
क्या बोले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
इस बीच वक्फ बिल को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि कैबिनेट से बिल पास होने के बाद ही इसे सदन में लाया गया है। उन्होंने कहा कि बिल पेश होने से पहले ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) में भेजा गया जहां सबकी राय ली गई है। अमित शाह ने कहा कि हम कांग्रेस की तरह कमेटियां नहीं बनाते, हमारी कमेटी लोकतांत्रिक तरीके से काम करती हैं।
लोकसभा में मजबूत है एनडीए
एनडीए के सहयोगी दल जैसे जेडीयू, टीडीपी और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी सरकार के समर्थन का ऐलान किया है। दूसरी ओर, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ इस बिल का कड़ा विरोध करने के लिए तैयार है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने इसे संविधान के खिलाफ और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला करार दिया है। लोकसभा में संख्याबल के हिसाब से एनडीए की स्थिति मजबूत है, जिसके पास 293 सांसद हैं, जबकि बिल पास करने के लिए 272 वोटों की जरूरत है।
संसद में मोदी सरकार का आज वक्फ पर टेस्ट है। लोकसभा में आज वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा शुरू करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इस विधेयक में वक्फ बोर्ड के किसी भी धार्मिक काम में सरकार की ओर किसी हस्तक्षेप की योजना नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि वक्फ बोर्ड ने दिल्ली के एयरपोर्ट और वसंत विहार पर भी अपना दावा पेश किया था। बिल नहीं लाते तो संसद भी वक्फ की संपत्ति होती। हम किसी मस्जिद के मैनेजमेंट को नहीं छेड़ेंगे।
‘संसद की बिल्डिंग पर भी वक्फ ने क्लेम किया’
रिजिजू ने अपने भाषण के दौरान कुछ पुराने दस्तावेजों का उल्लेख करते हुए कहा कि संसद की बिल्डिंग पर भी वक्फ ने क्लेम किया। इस पर विपक्ष की तरफ से आपत्ति जताई गई। रिजिजू ने कहा कि मैं दस्तावेजों के आधार पर कह रहा हूं। रिजिजू ने कहा कि अगर यूपीए की सरकार कंटीन्यू रहती तो ये लोग न जाने कितनी संपत्तियां वक्फ को दे देते।
‘वक्फ बिल में धार्मिक कार्यकलापों में हस्तक्षेप का प्रावधान नहीं’
जब रिजिजू ने कहा कि हम किसी भी मस्जिद के संचालन में हस्तक्षेप करने नहीं जा रहे तब विपक्ष की ओर से किसी ने टिप्पणी की। स्पीकर ओम बिरला ने टोकते हुए नसीहत दी कि भारत की संसद में बैठे हो, गरिमा का ध्यान रखो। किसी भी व्यक्ति को बैठे-बैठे टिप्पणी का अधिकार नहीं है। किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि ये मस्जिद या धार्मिक क्रियाकलापों से जुड़ा मामला नहीं है। ये बस एक संपत्ति के मैनेजमेंट से जुड़ा विषय है। कोई मुसलमान जकात देता है तो उसे पूछने वाले हम कौन होते हैं। हम तो बस उसके मैनेजमेंट से जुड़ी बात कर रहे हैं। इसका धार्मिक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है।
रविशंकर प्रसाद ने क्या कहा?
चर्चा को आगे बढ़ाते हुए सत्ता पक्ष की ओर से बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वह जिस राज्य बिहार से आते हैं तो वहां बहुत बड़ी संख्या में गरीब मुस्लिम रहते हैं। उनके कल्याण के लिए सरकार यह बिल लाई है। इससे गरीब मुस्लिमों का कल्याण होगा।
उन्होंने कहा, ”मुझे तो समझ नहीं आ रहा कि विपक्ष के मित्र कहना क्या चाहते हैं? वक्फ बिल में संशोधन होना चाहिए और नहीं भी होना चाहिए.. दोनों तर्क कैसे चलेगा? भारत के संविधान के मौलिक अधिकार में धारा 15 है, जिसमें लिखा है कि महिलाओं के साथ कोई भेद नहीं होगा और अगर सरकार नए बिल में महिलाओं के अधिकार के लिए कानून ला रही है तो सरकार का यह कदम गैर संवैधानिक कैसे हो गया?” प्रसाद ने कांग्रेस के संविधान की लाल किताब दिखाने पर कहा कि आज मैं आपको संविधान की ‘हरी किताब’ दिखाऊंगा, जो संसद में रखी हुई है।
बता दें कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बिल को सदन के पटल पर रखा जिसके बाद बिल पर चर्चा जारी है। विपक्ष की ओर कांग्रेस से उप नेता गौरव गोगोई ने इस चर्चा की शुरुआत की। कांग्रेस इस बिल को लेकर आपत्ति जता रही है तो वहीं बीजेपी इस बिल को ऐतिहासिक बदलाव बता रही है।
चर्चा के लिए किसको कितना समय मिला?
स्पीकर ओम बिरला ने बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय तय किया है जिसमें से NDA को 4 घंटे 40 मिनट दिए गए हैं। बाकी 3 घंटे 20 मिनट का वक्त विपक्ष को मिला है। हालांकि विपक्ष ने चर्चा के लिए 12 घंटे का वक्त मांगा है। इस पर रिजिजू का कहना है कि चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है।
वक्फ बिल का विरोध करते हुए गौरव गोगोई का सवाल- “सरकार दूसरे धर्म के मामले में दखल क्यों देना चाहती है?”
वक्फ बिल को लेकर आज सदन में चर्चा की जा रही है, बिल को लेकर सत्ता पक्ष जहां बिल के पक्ष में बातें कर रहा है और मुसलमान के हित में बिल को बता रहा है। वहीं, विपक्ष इसे मुसलमानों के लिए विवादित मान रहा है। स्पीकर ने जहां सरकार को 4 घंटे 40 मिनट का समय दिया है, वहीं विपक्ष को बोलने के लिए 3 घंटे 20 मिनट का समय दिया है। किरेन रिजिजू के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस सांसद गौरव रंजन गोगोई का नाम पुकारा। इसके बाद सांसद रंजन ने कहा कि किरेन रिजिजू ने संसद को मिस लीड किया।
सरकार संविधान को कमजोर करना चाहती है- गौरव गोगोई
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि मेरा भी सौभाग्य है कि मैंने अपनी पार्टी की ओर से राम मंदिर के मुद्दे पर बात रखी और आज वक्फ बिल पर पार्टी की ओर अपनी बात रख रहा हूं। गौरव ने कहा कि सरकार संविधान को कमजोर करना चाहती है, लोगों को बांटना चाहती है। आगे कहा कि बीजेपी बताए कि उनके कितने सांसद अल्पसंख्यक हैं? आगे कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय ने कभी चर्चा ही नहीं की कि वे ऐसी कोई बिल लाना चाहती है। साथ ही सवाल किया कि सरकार दूसरे धर्म के मामले में दखल क्यों देना चाहती है?
सरकार अल्पसंख्यकों को डराना चाहती है
आगे उन्होंने कहा कि सरकार अल्पसंख्यकों को डराना चाहती है। वक्फ बिल पर आगे कहा कि ये पहले भी था कि बोर्ड में 2 से अधिक महिला सदस्य शामिल हो सकते हैं। ये पहले से था, लेकिन ये भ्रम फैला रहे कि ये अब ला रहे। ये चाहते हैं कि वक्फ बोर्ड और कमजोर हो, इसलिए इन्होंने बोर्ड की रेवन्यू को 7 प्रतिशत घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया।
सांसद ने आगे कहा कि आज एक विशेष समाज के जमीनों पर सरकार की नजर है, कल किसी और समाज के जमीनों पर सरकार की नजर होगी। कई ऐसी जमीनें जिनके कागज नहीं लेकिन फैसला बोर्ड के पक्ष में है। इसके बाद उन्होंने कई क्लॉज में सरकार के द्वारा किए जा रहे बदलाव की भी बात की। आगे सांसद ने कहा कि सर मैंने बहुत जेपीसी देखे लेकिन ऐसा जेपीसी नहीं देखा, मुझे कहते हुए बहुत दुख हो रहा कि जेपीसी में विपक्ष के बताए गए एक भी सुझाव को शामिल नहीं किया गया। आगे कहा कि जेपीसी में ऐसे लोग भी थे कि जिन्हें वक्फ की जानकारी ही नहीं थे।
आगे सांसद ने कहा कि इन्होंने हमारे सहयोगी सांसदों को सुझाव दिए तो मैं भी इनके साथियों को कुछ सुझाव देना चाहूंगा। मैं आंध्र प्रदेश के टीडीपी सांसदों को अपनी जनता को जवाब देना होगा।