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दिल्ली शराब घोटाला: मनीष सिसोदिया को नहीं मिली राहत, राउज एवेन्यू कोर्ट ने बढ़ाई न्यायिक हिरासत, सिसोदिया और ईडी से कोर्ट ने पूछे कई सवाल

नई दिल्ली: दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आज भी राहत नहीं मिली। दिल्ली की राउज़ ऐवन्यू कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 18 अप्रैल तक बढ़ा दी है। राउज़ ऐवन्यू कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई अब 18 अप्रैल को होगी। कोर्ट ने ED से यह बताने के लिए कहा अब तक एक एक आरोपी द्वारा दस्तावेज़ों की जांच के लिए कितना समय लिया गया।

मनीष सिसोदिया 26 फरवरी 2023 से जेल में बंद हैं। इस मामले को लेकर सीबीआई और ईडी का ये दावा है कि सिसोदिया ने शराब कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए आबकारी नीति में बदलाव किया था। इससे आप नेताओं को बड़ी राशि रिश्वत के तौर पर मिली।

इससे पहले सिसोदिया की जमानत याचिका पर 2 अप्रैल को भी सुनवाई हुई थी। इस दौरान उन्होंने अदालत से कहा था कि उनको जेल में रखने से कोई फायदा नहीं है क्योंकि उनके खिलाफ चल रही जांच पूरी हो चुकी है।

इससे पहले मनीष सिसोदिया ने अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों को तिहाड़ जेल से एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उन्होंने अपनी स्थिति की तुलना स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ अंग्रेजों द्वारा किए गए अत्याचारों से की है और शिक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता जतायी है। सिसोदिया ने यह उम्मीद भी जतायी कि वह जल्द ही जेल से बाहर आएंगे। उन्होंने कहा, ”जल्द ही आपसे बाहर मिलूंगा। अंग्रेज शासकों को भी सत्ता का अहंकार था और उन्होंने लोगों को झूठे मामलों में जेल भेजा था।”

वहीं मामले पर सियासत भी खूब हो रही है। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने दावा किया है कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया जल्द ही जेल से बाहर आ जाएंगे क्यों कि ये घोटाला आम आदमी पार्टी ने नहीं बीजेपी ने किया है। उन्होंने इस संबंध में अपने तर्क भी रखे।

दिल्ली शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत एक बार फिर से बढ़ा दी गई है। उनकी जमानत मामले में अब कोर्ट की सुनवाई 18 अप्रैल को होगी। शुक्रवार को उन्होंने जनता के नाम चिट्ठी लिखी थी जिसमें उन्होंने लिखा था कि जल्द बाहर आऊंगा। शनिवार को कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान ईडी ने बचाव पक्ष आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपियों की अर्जियां ये दर्शाती है कि आरोपियों की ओर से पूरी कोशिश की गई है कि मुकदमा शुरू न हो सके।

दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी के दौरान 207 सीआरपीसी अनुपालन में देरी को लेकर ईडी और आरोपी मनीष सिसोदिया के बीच बहस हुई। इस दौरान जज ने दस्तावेजों के निरीक्षण में हो रही देरी को लेकर दोनों से सवाल पूछे। कोर्ट ने ईडी से जवाब मांगा है कि प्रत्येक आरोपी ने अब तक दस्तावेजों के निरीक्षण में कितना समय लिया है।

 

 

ईडी ने कोर्ट को दिया ये जवाब

ईडी की तरफ से वकील जोएब हुसैन ने कहा कि सिसोदिया का मुख्य तर्क मुकदमे में देरी पर है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार ये जमानत का आधार है। लेकिन आरोपी की तरफ से इस मामले में मेरिट और अपराध की गंभीरता पर ज़्यादा बात नहीं की गई है। ईडी ने कहा कि मैं भी मुकदमे मे हुई देरी के सवाल पर जवाब देना चाहूंगा। ऐसा नहीं है कि अगर मुकदमे मे सुनवाई आगे नहीं बढ़ी है तो जमानत याचिका स्वीकार कर ली जानी चाहिए। इस पूरे मामले को मेरिट के आधार पर देखना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि सम्पूर्ण तथ्य पर विचार किया जाना चाहिए।

ईडी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा था कि ट्रायल कोर्ट को सुप्रीम कोर्ट के फैसले में की गई टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना सिसोदिया की जमानत अर्जी पर विचार करेगी। अब फालतू आवेदन दायर किए जा रहे है, ये आवेदन समय बर्बाद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लगातार कोई न कोई आरोपी इस तरह के आवेदन दायर करता रहता है, जो दिखाता है कि मुकदमा शुरू न हो। जानबूझकर देरी की जा रही है।

ईडी का कहना है कि मुकदमा धीमी गति से चला है या नहीं चला है इसके लिए अभियोजन पक्ष जिम्मेदार नही है। अभियोजन पक्ष की ओर से कोई देरी नहीं हुई है। सुनवाई मे 31 आरोपियों की ओर से 95 अर्जियां लगाई गई  है। अगर किसी भी तरह की देरी हुई है, तो यह आरोपी की वजह से हुई है, अभियोजन पक्ष के कहने पर नहीं। इस मुद्दे पर भी कोर्ट को ध्यान देना होगा। अगर मैं यह साबित करूं कि मुकदमे मे देरी कुछ आरोपी की वजह से और कुछ सह-आरोपियों की वजह से हुई है, तो उस पर भी विचार करना होगा। लेकिन इसके बावजूद इस मामले में  PMLA की धारा 45 का वजूद कायम है। जमानत की सुनवाई मे इसको भी देखना होगा।

About Manish Shukla

Manish Shukla
मैं मनीष शुक्ला RBNEWS PVT LTD नेटवर्क में मुख्य संपादक एवं डायरेक्टर हूं. मीडिया उद्योग में 4 वर्षों से अधिक अनुभव के साथ, मैं रिपोर्टिंग और विश्लेषण में अपने अनुभव का लाभ उठाकर पाठको को आकर्षित और जागरूक करने वाली उच्च-प्रभाव वाली खबरों को सत्यतापूर्वक पेश करता हूं. वर्तमान में, मैं यु.पी., एम.पी., बिहार, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल एवं दिल्ली सरकार की राजनीतिक व अपराधिक घटनाओं, एवं प्रवर्तन निदेशालय (ED), CBI को कवर करने, के साथ कुछ इंटरव्यू और समसामयिक मामलों पर व्यावहारिक विश्लेषण प्रदान करने के लिए ज़िम्मेदारी निभा रहा हूं.

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