पश्चिम बंगाल में SIR और मतदाता सूची के मुद्दे पर सियासी माहौल गर्माया हुआ है। बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर सीधे हमले किए।
अभिषेक बनर्जी टीएमसी के 10 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग पहुंचे थे। आयोग के साथ करीब ढाई घंटे तक चली बैठक के बाद अभिषेक बनर्जी बेहद गुस्से में बाहर निकले। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पार्टी द्वारा पूछे गए एक भी सवाल का आयोग ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर ज्ञानेश कुमार में हिम्मत है, तो मीटिंग का CCTV फुटेज सार्वजनिक करें। जनता देख लेगी कि आयोग का रवैया कैसा है।”
टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि बंगाल में 1 करोड़ 36 लाख लोगों को ‘संदेहास्पद’ लिस्ट में डाल दिया गया है। उन्होंने सवाल किया कि जब एक लाख BLOs ने दो महीने के काम में किसी को संदिग्ध नहीं पाया, तो आयोग ने एक घंटे में सवा करोड़ से ज्यादा लोगों की ऐसी लिस्ट कैसे बना ली?
विपक्ष को भी नसीहत- “ड्राइंग रूम से बाहर निकलें”
अभिषेक बनर्जी ने केवल बीजेपी या चुनाव आयोग को ही नहीं, बल्कि विपक्षी दलों (कांग्रेस और सपा) को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर ट्वीट करने या यूट्यूब पर बयान देने से ‘वोट चोरी’ नहीं रुकेगी। विपक्षी नेताओं को ड्राइंग रूम से निकलकर सड़क पर जंग लड़नी होगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “न हमेशा बीजेपी की सरकार रहेगी, न ही ज्ञानेश कुमार हमेशा पद पर रहेंगे।”
दिल्ली में विरोध के साथ-साथ बंगाल के ब्लॉक ऑफिसों में भी भारी हंगामा जारी है। चुंचुरा से टीएमसी विधायक असित मजूमदार ने लगातार दूसरे दिन ब्लॉक ऑफिस में हो रही सुनवाई को रुकवा दिया। टीएमसी का कहना है कि जब तक बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) को पारदर्शिता के लिए प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाता, वे सुनवाई नहीं होने देंगे। आरोप है कि पासपोर्ट धारकों और 2002 से वोटर लिस्ट में शामिल लोगों को भी परेशान किया जा रहा है।
विरोधी दलों का पलटवार- “टीएमसी कर रही नाटक”
वहीं, बंगाल कांग्रेस के बड़े नेता अधीर रंजन चौधरी ने अलग लाइन ली। अधीर रंजन ने कहा कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी नाटक कर रहे हैं। पहले वो कहते थे कि SIR नहीं होने देंगे, लेकिन अब जबकि इलेक्टोरल रोल का ड्राफ्ट भी आ चुका है, तब चुनाव आयोग में जाकर विरोध करने का नाटक कर रहे हैं। ये बंगाल के लोगों को धोखा देने का तरीका है, और कुछ नहीं।
बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि ममता बनर्जी र्की पार्टी ने जिस तरह चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के खिलाफ युद्ध का एलान किया है, उससे साफ है कि तृणमूल कांग्रेस लोकतंत्र पर भरोसा नहीं रखती। अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं के नाम कटने की आशंका से ही ममता और अभिषेक बनर्जी इतने बौखलाए हुए हैं।
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