भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका की टीम को 52 रनों से मात देने के साथ पहली बार इस ट्रॉफी को अपने नाम किया है। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में खेले गए इस खिताबी मैच में टीम इंडिया ने पहली बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर्स में 298 रनों का स्कोर बनाया था, जिसके बाद साउथ अफ्रीका की टीम फाइनल मैच में 246 रनों का स्कोर बनाकर सिमट गई। इसी के साथ टीम इंडिया ने प्राइज मनी के तौर पर भी काफी बड़ी राशि जीती है, जिसमें उन्हें विनर के तौर पर कुल 41.77 करोड़ रुपए आईसीसी की तरफ से मिले हैं। वहीं साउथ अफ्रीका की टीम को रनरअप के तौर पर कुल 21.88 करोड़ रुपये मिले हैं
फाइनल में शैफाली और दीप्ति का दिखा बल्ले और गेंद से कमाल
साउथ अफ्रीका के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम को जीत दिलाने में शैफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा का बल्ले और गेंद दोनों से कमाल देखने को मिला, जिसमें शैफाली वर्मा ने जहां बल्लेबाजी में 87 रनों की पारी खेली तो वहीं इसके बाद गेंदबाजी में उन्होंने 7 ओवर्स में 36 रन देने के साथ 2 विकेट भी अपने नाम किए। वहीं दूसरी तरफ दीप्ति शर्मा को लेकर बात की जाए जिनका इस टूर्नामेंट में शानदार ऑलराउंड खेल देखने को मिला उन्होंने फाइनल मैच में भी इसी को जारी रखा। दीप्ति ने फाइनल मैच में बल्ले से जहां 58 रनों की बेहतरीन पारी खेली तो वहीं इसके बाद गेंदबाजी में उन्होंने 9.3 ओवर्स में सिर्फ 39 रन देने के साथ 5 विकेट अपने नाम किए
दीप्ति शर्मा इस मामले में बनी पहली महिला खिलाड़ी
टीम इंडिया की स्टार ऑलराउंडर खिलाड़ी दीप्ति शर्मा ने जैसे ही साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में 5 विकेट हासिल किए तो वहीं वह महिला वनडे वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली ऐसी खिलाड़ी बन गई जिन्होंने एक मैच में फिफ्टी प्लस रनों की पारी खेलने के साथ 5 विकेट भी हासिल किए। दीप्ति शर्मा ने इस वर्ल्ड कप में कुल 22 विकेट अपने नाम किए।
लीग स्टेज में तीन मैच हारने को लेकर हरमनप्रीत ने क्या कहा?
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में हरमनप्रीत कौर ने कहा कि फैंस का बहुत-बहुत शुक्रिया उन्होंने पूरे सीजन में हमें काफी सपोर्ट किया है। लीग स्टेज में तीन मैच हारने के बाद भी, हमें हमेशा यह विश्वास था कि हम सेमीफाइनल में जगह बनाएंगे। हमने पिछले मैच के बाद इसके बारे में बात की थी। हम जानते थे कि इस टीम में कुछ खास है जो चीजों को बदल सकती है। हर एक प्लेयर को इस जीत का क्रेडिट जाता है। सभी प्लेयर टूर्नामेंट के दौरान पॉजिटिव रहे, फोकस्ड रहे। यह टीम सच में फाइनल जीतने की हकदार है।
हरमनप्रीत कौर ने की शैफाली की तारीफ
उन्होंने कहा कि जब लौरा और सुने बैटिंग कर रही थीं, तो वहां साउथ अफ्रीका काफी मजबूत स्थिति में थीं। मैंने शेफाली की तरफ देखा और जिस तरह से उसने पहले बैटिंग की थी, मुझे बस पता था कि यह उसका दिन है। मेरे मन में आया कि मुझे उनसे गेंदबाजी करवानी चाहिए और मैंने अपने मन की सुनी। मैंने उनसे पूछा कि क्या वह तैयार है, और उसने तुरंत हां कह दिया। वह हमेशा गेंदबाजी में योगदान देना चाहती थी और उस ओवर ने हमारे लिए सब कुछ बदल दिया। वही इस मैच का टर्निंग पॉइंट रहा। जब वह पहली बार टीम में शामिल हुई थी, तो हमने उनसे कहा था कि उन्हें दो या तीन ओवर फेंकने पड़ सकते हैं। इस पर उन्होंने कहा था कि अगर आप मुझे गेंद देंगे, तो मैं टीम के लिए दस ओवर डालूंगी। वह इतनी कॉन्फिडेंट है। वह निडर है, पॉजिटिव है और हमेशा टीम के लिए आगे आने को तैयार रहती है।
फाइनल की पिच को लेकर हरमनप्रीत ने कही बड़ी बात
पिच को लेकर हरमनप्रीत कौर ने कहा कि आज की पिच बहुत अलग थी। बारिश और मौसम ने इसे मुश्किल बना दिया था। हम जानते थे कि फाइनल में 290 का स्कोर एक अच्छा टोटल होगा। फाइनल मैच में हमेशा दबाव रहता है। साउथ अफ्रीका को क्रेडिट जाता है उन्होंने बहुत अच्छा खेला। लेकिन आखिर में, जब वे थोड़ा घबरा गए, तो हमने उस मौके का फायदा उठाया और कुछ अहम विकेट लिए और मैच को अपनी तरफ मोड़ लिया।
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