नई दिल्ली: छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की पटियाला हाईकोर्ट ने स्वामी चैतन्यानंद की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। वहीं दिल्ली पुलिस ने भी उसके खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। दिल्ली पुलिस ने स्वामी चैतन्यानंद के 8 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए। 8 करोड़ की यह रकम 18 बैंक खातों और 28 एफडी में जमा थे। ये रकम आरोपी पार्थसारथी उर्फ बाबा चैतन्यानंद सरस्वती के द्वारा बनाए गए ट्रस्ट से जुड़ी हुई है।
स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी के खिलाफ छात्राओं ने छेड़खानी का आरोप लगाया था। चैतन्यानंद वसंत कुंज इलाके में एक प्राइवेट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में डायरेक्टर के तौर पर काम करता था। वह करीब 12 साल से यहां आश्रम में रह रहा था। स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ धारा 319(2)/ 3 1 8(4)/336(3)/ 3 40(2)/6 1 (2) में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
अब तक 5 एफआईआर दर्ज
चैतन्यानंद के खिलाफ अब तक 5 एफआईआर दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 2 एफआईआर पुरानी है। एक एफआईआर 2009 और दूसरी 2016 की है जबकि तीसरी FIR मठ में धोखाधड़ी, चौथी FIR छात्राओं के साथ छेड़छाड़, और पांचवीं FIR फर्जी डिप्लोमैट नंबर प्लेट की है। चैतन्यानंद लाल गाड़ी में बार बार नंबर प्लेट बदलता रहता था। सभी नंबर प्लेट पर UN लिखा रहता है, बस नंबर प्लेट पर डिजिट बदल दी जाती थी।
स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ 17 लड़कियों के बयान कोर्ट में दर्ज किए गए हैं। जिसमें पता लगा है कि स्वामी लड़कियों को ब्लैकमेल कर रहा था और उन्हें धमकाता भी था। दिल्ली पुलिस ने पीड़ित लड़कियों के 164 के बयान दर्ज करवाए हैं।
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