मुजफ्फरनगर में साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी जीएसटी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. 34 फर्जी कंपनियां बनाकर करीब 42 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी राजस्व नुकसान के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
साइबर क्राइम थाना पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी फर्मों के नाम पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन कर देश भर में फर्जी बिलिंग के जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन दिखाते थे. इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम अफजल पुत्र समीर मलिक, मोनिस अली पुत्र शौकत अली और मोहम्मद हफीज पुत्र मोहम्मद लियाकत बताए गए हैं.
मोबाइल, लैपटॉप सहित GST फर्मों से जुड़े दस्तावेज मिले
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत अलग-अलग थानों में कुल पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 5 लैपटॉप, हार्ड डिस्क, इंटरनेट डोंगल, रबर स्टांप, चेकबुक, 12 डिजिटल सिग्नेचर यूएसबी, प्रिंटर, आधार-पैन कार्ड, सिम कार्ड, 34 जीएसटी फर्मों से जुड़े दस्तावेज और एक क्रेटा कार बरामद की है.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे थे और अवैध कमाई से लग्जरी गाड़ियां, मकान और संपत्तियां खरीदी गई थीं, जिनकी जांच जारी है. इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर अपराध विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता माना जा रहा है.
42 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी
एसपी क्राइम ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों अभियुक्त ने फर्जी तरीके से 34 फर्जी कंपनियां बनाकर उन्हें रजिस्टर्ड कर लगभग 42 करोड़ रुपये से अधिक कि जीएसटी चोरी कर सरकारी राजस्व को हानि पहुंचाई है. गिरफ्तार की गए तीनों अभियुक्त के पास लग्जरी गाड़ियां और अलग-अलग नाम से मकान और संपत्ति अर्जित की गई है जिनकी जांच की जा रही है.
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी अफजल पांचवी पास है जिसके पास कई लग्जरी गाड़ियां और कई जनपदों में किसी और के नाम पर मकान और जमीन है. जबकि दो आरोपी समीर और मनीष LLB पास आउट हैं, दोनों सी,ए अकाउंट का कोर्स भी कर रहे हैं.
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