चंडीगढ़ में पुलिस विभाग में चल रहे खींचतान को लेकर मंगलवार को डीजीपी सुरेंद्र यादव का ट्रांसफर कर दिया। दरअसल यहां डीजीपी सुरेंद्र सिंह यादव और अन्य अधिकारियों के बीच लंबे समय से खींचतान चल रहा था। इस कारण गृह मंत्रालय ने मंगलवार को उनका ट्रांसफर कर दिया है। बता दें कि सुरेंद्र सिंह यादव को बीएसएफ में डेप्युटेशन पर उन्हें डीआईजी के पद पर नियुक्त किया गया है। नए आदेश आने तक चंडीगढ़ के आईजी राजकुमार सिंह ही डीजीपी का कार्यभार संभालेंगे। दरअसल जब से सुरेंद्र सिंह यादव ने चंडीगढ़ के डीजीपी का कार्यभार संभाला था, तब से वह चर्चा में बने हुए हैं।
अफसरों के बीच खींचतान के बीच DGP का हुआ ट्रांसफर
शुरुआत में जब वो चंडीगढ़ में बतौर डीजीपी नियुक्त हुए तो उन्होंने बड़े पैमाने पर पुलिस कर्मचारियों के ट्रांसफर किए थे। इसके बाद वह लगातार अपने फैसलों को लेकर चर्चा में बने रहते थे। कुछ दिन पहले ही एक सब इंस्पेक्टर को उन्होंने थाना प्रभारी लगाकर सभी को चौंका दिया। इसके बाद उन्होंने सख्त लहजे में लोगों से कहा था कि अगर थाना प्रभारी ठीक ढंग से काम नहीं करेंगे तो उनके स्थान पर सब इंस्पेकटरों को एसएचओ बनने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद ही अन्य पुलिस अधिकारियों और डीसीपी सुरेंद्र सिंह यादव के बीच लगातार खींचतान चल रहा था और ऐसा कहा जा रहा था कि उनके इस फैसले से पुलिस फोर्स में कई लोग नाराज हैं।
बीएसएफ में हुई सुरेंद्र सिंह यादव की तैनाती
अब समय से पहले ही उनका ट्रांसफर हो जाने के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि अफसरों के बीच चल रहे खींचतान के कारण ही उनका ट्रांसफर किया गया है। बता दें कि अब सुरेंद्र सिंह यादव को बीएसएफ में भेज दिया गया है। वहीं इससे पहले पंजाब सरकार ने 2 आईपीएस व 14 पीपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए थे। आईपीएस अधिकारियों में दयमा हरीश कुमार समेत सात पीपीएस अधिकारियों को विजिलेंस ब्यूरो, पंजाब में ट्रांसफर किया गया था। वहीं आईपीएस अरविंद मीणा को एसपी हेडक्वार्टर रूपनगर नियुक्त किया गया था। इसके अलावा विजिलेंस ब्यूरो में हरप्रीत सिंह, लखबीर सिंह, मंजीत सिंह, स्वरनदीप सिंह, हरप्रीत सिंह मंडेर, राजपाल सिंह और रुपिंदर कौर सरां को नियुक्त किया गया था।